Dayavan bhai
Dayavan bhai
आपस में बहुत प्यार था।
खेत अलग अलग थे आजु बाजू।
:
बड़ा भाई शादीशुदा था ।
छोटा अकेला ।👭
:
एक बार खेती बहुत अच्छी हुई अनाज
बहुत हुआ ।🌻🌹👌
:
खेत में काम करते करते बड़े भाई ने
बगल के खेत में छोटे भाई को
खेत देखने का कहकर खाना खाने चला गया।♑👈🤓
:
उसके जाते ही छोटा भाई सोचने लगा । खेती
तो अच्छी हुई इस बार अनाज भी बहुत
हुआ। मैं तो अकेला हूँ, बड़े भाई की तो
गृहस्थी है। मेरे लिए तो ये अनाज
जरुरत से ज्यादा है
। भैया के साथ तो भाभी बच्चे है ।
उन्हें जरुरत ज्यादा है।💃🏃
:
ऐसा विचारकर वह 10 बोरे अनाज
बड़े भाई के अनाज में डाल देता
है। बड़ा भाई भोजन करके आता है ।
:
उसके आते ही छोटा भाई भोजन
के लिए चला जाता है।💃🏃
:
भाई के जाते ही वह विचारता है ।
मेरा गृहस्थ जीवन तो अच्छे से चल रहा है...🙏
:
भाई को तो अभी गृहस्थी जमाना है... उसे
अभी जिम्मेदारिया सम्हालना है...
मै इतने अनाज का
क्या करूँगा...🙏
:
ऐसा विचारकर उसने 10 बोरे अनाज
छोटे भाई के खेत में डाल दिया...।
:
दोनों भाईयों के मन में हर्ष था...🙏
अनाज उतना का उतना ही था और
हर्ष स्नेह वात्सल्य बढ़ा हुआ था...।
:
सोच अच्छी रखेंगें तो प्रेम🙏
अपने आप बढेगा ...........
अगर ऐसा प्रेम भाई भाई में हुआ तो दुनिया की कोई भी ताकत आपके परिवार को तोड़ नही सकती...
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अगर हम को भी अपना दिल से मानते हो तो हमे भी
सेंड करें
🤓💃🤓💃🤓💃🤓💃🤓
🙏🏻🙏🏻 बहुत सुन्दर 🙏🏻🙏🏻
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